
x
छग
Mungeli. मुंगेली। जिले के नगर पंचायत जरहागांव स्थित अंग्रेजी शराब दुकान में उस समय हड़कंप मच गया, जब बीयर से भरे फ्रीजर के नीचे जहरीला भारतीय चश्माधारी नाग दिखाई दिया। दुकान के अंदर कोबरा मिलने की जानकारी फैलते ही वहां मौजूद लोग सतर्क हो गए। सांप को पकड़ने या छेड़ने के बजाय सर्पमित्र सुरेंद्र कश्यप को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे सर्पमित्र ने सावधानी बरतते हुए नाग का रेस्क्यू किया। इस दौरान घायल हुए सांप को उपचार के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी ले जाया गया।
जानकारी के मुताबिक जरहागांव की अंग्रेजी शराब दुकान में कर्मचारियों की नजर फ्रीजर के नीचे छिपे सांप पर पड़ी। करीब से देखने पर वह इंडियन स्पेक्टेकल्ड कोबरा यानी भारतीय चश्माधारी नाग निकला। जहरीला सांप होने के कारण किसी ने उसे छेड़ने का प्रयास नहीं किया और इसकी जानकारी तत्काल प्रशिक्षित सर्पमित्र को दी गई। सूचना मिलने पर सर्पमित्र सुरेंद्र कश्यप मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू शुरू किया। नाग जिस फ्रीजर के नीचे छिपा था, वहां जगह काफी कम थी। इसके कारण उसे सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो गया।
रेस्क्यू के दौरान घायल हुआ नाग
फ्रीजर के नीचे सीमित जगह होने के कारण रेस्क्यू में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान नाग घायल हो गया। सांप को बाहर निकालने के बाद उसे सुरक्षित तरीके से एक डिब्बे में रखा गया। घायल अवस्था को देखते हुए उसे स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरहागांव ले जाया गया। अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने भी वन्यजीव के उपचार में सहयोग किया। नाग के घायल हिस्से पर आवश्यक औषधि लगाई गई और यथासंभव उपचार किया गया। जहरीले सांप को अस्पताल लाए जाने की घटना भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चश्माधारी नाग शराब दुकान के भीतर कैसे पहुंचा और कब से फ्रीजर के नीचे छिपा हुआ था। राहत की बात यह रही कि सांप दिखाई देने के बाद लोगों ने उसे मारने के बजाय प्रशिक्षित सर्पमित्र की मदद ली।
कोबरा को छेड़ना हो सकता है जानलेवा
चश्माधारी नाग भारत में पाए जाने वाले विषैले सांपों में शामिल है। ऐसे में सर्पमित्र और वन्यजीव प्रेमियों ने लोगों से अपील की है कि घर, दुकान, खेत या किसी सार्वजनिक स्थान पर सांप दिखाई देने पर खुद उसे पकड़ने, भगाने या मारने की कोशिश न करें। विशेष रूप से कोबरा जैसे जहरीले सांप के पास जाना या उसे घेरना खतरनाक हो सकता है। ऐसी परिस्थिति में सुरक्षित दूरी बनाए रखना सबसे जरूरी है। आसपास मौजूद बच्चों और अन्य लोगों को भी सांप से दूर रखना चाहिए।
इसके बाद प्रशिक्षित सर्पमित्र, वन विभाग या संबंधित जिम्मेदार एजेंसी को इसकी सूचना दी जानी चाहिए। बिना प्रशिक्षण सांप को पकड़ने की कोशिश करने से सर्पदंश का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही गलत तरीके से रेस्क्यू करने पर सांप भी गंभीर रूप से घायल हो सकता है। जरहागांव की इस घटना ने वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी दिया है। यहां नाग को मारने के बजाय उसका रेस्क्यू किया गया और घायल होने के बाद उपचार की व्यवस्था की गई। विशेषज्ञों की सलाह है कि सांप दिखाई देने पर घबराने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और प्रशिक्षित व्यक्ति की सहायता लें। इससे इंसान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ वन्यजीव को भी अनावश्यक नुकसान से बचाया जा सकता है।
Next Story





